- Get link
- X
- Other Apps
NCERT English Class 9th – The Beggar का विस्तृत हिंदी सारांश
परिचय
The Beggar कहानी Anton Chekhov द्वारा लिखी गई है।
यह कहानी दया, सहानुभूति और ईमानदार मेहनत की महत्ता को दर्शाती है। कहानी बताती है कि प्यार और करुणा किसी व्यक्ति की जिंदगी बदल सकते हैं।
विस्तृत सारांश
कहानी की शुरुआत एक वकील सर्जेई (Sergei) से होती है। एक दिन उसके घर के बाहर एक भिखारी आता है। वह फटे-पुराने कपड़े पहने होता है और बहुत कमजोर तथा भूखा दिखाई देता है। वह सर्जेई से पैसे मांगता है और कहता है कि वह पहले स्कूल में शिक्षक था, लेकिन झूठे आरोपों के कारण उसकी नौकरी चली गई।
सर्जेई को अचानक याद आता है कि उसने इसी आदमी को पहले भी देखा था। तब उसने खुद को विश्वविद्यालय का निकाला हुआ छात्र बताया था। इससे सर्जेई समझ जाता है कि वह आदमी झूठ बोल रहा है।
सर्जेई बहुत गुस्सा होता है और उसे डांटता है। वह कहता है कि झूठ बोलकर भीख मांगना गलत और शर्मनाक है। डांट सुनकर भिखारी शर्मिंदा हो जाता है और सच बता देता है। उसका नाम लुशकॉफ (Lushkoff) था। वह पहले रूसी गायक दल (choir) में गाता था, लेकिन शराब पीने की बुरी आदत के कारण उसकी नौकरी चली गई। अब उसके पास कोई काम नहीं है, इसलिए वह भीख मांगता है।
सर्जेई को उस पर दया आती है, लेकिन वह उसे मुफ्त में पैसे नहीं देना चाहता। वह चाहता है कि लुशकॉफ मेहनत करके ईमानदारी से जीवन बिताए। इसलिए वह उसे लकड़ी काटने का काम देता है।
लुशकॉफ मजबूरी में काम करने के लिए तैयार हो जाता है और सर्जेई के घर के पीछे लकड़ी के गोदाम में जाता है। वहां सर्जेई की रसोइया ओल्गा (Olga) उसे देखती है। वह उसे आलसी और निकम्मा समझकर डांटती है। लेकिन अंदर से वह बहुत दयालु होती है। वह देखती है कि लुशकॉफ बहुत कमजोर है और लकड़ी नहीं काट पा रहा। इसलिए वह खुद ही उसके लिए लकड़ियां काट देती है और उसके दुख पर रोती भी है।
इसके बाद लुशकॉफ समय-समय पर सर्जेई के घर आकर छोटे-मोटे काम करने लगता है, जैसे:
लकड़ी काटना,
बर्फ हटाना,
कालीन साफ करना,
सामान जमाना आदि।
सर्जेई उसे हर काम के पैसे देता है। धीरे-धीरे लुशकॉफ बदलने लगता है। वह शराब छोड़ देता है और ईमानदारी से काम करने लगता है।
कुछ समय बाद सर्जेई उसे एक दफ्तर में कॉपीिस्ट (copyist) की नौकरी दिलवा देता है।
दो साल बाद सर्जेई की मुलाकात लुशकॉफ से थिएटर के बाहर होती है। अब वह साफ-सुथरे कपड़े पहने होता है और सम्मानजनक जीवन जी रहा होता है। वह बताता है कि अब वह अच्छी नौकरी कर रहा है और ठीक-ठाक वेतन कमाता है।
सर्जेई को लगता है कि उसकी सलाह ने लुशकॉफ को बदल दिया। लेकिन लुशकॉफ सच्चाई बताता है कि वास्तव में उसे बदलने वाली सर्जेई की बातें नहीं, बल्कि ओल्गा की दया और सहानुभूति थी। ओल्गा उसके लिए रोती थी, उसका काम खुद करती थी और उसे प्यार से समझाती थी। उसकी करुणा ने लुशकॉफ का दिल बदल दिया।
अंत में कहानी यह संदेश देती है कि प्रेम, दया और सहानुभूति किसी भी इंसान को सुधार सकते हैं।
कहानी के मुख्य विषय
1. दया और सहानुभूति
ओल्गा की दयालुता लुशकॉफ की जिंदगी बदल देती है।
2. ईमानदार मेहनत का महत्व
मेहनत इंसान को आत्मसम्मान देती है।
3. मानव सुधार
सही मार्गदर्शन मिलने पर व्यक्ति बदल सकता है।
4. झूठ का परिणाम
झूठ बोलने से व्यक्ति सम्मान खो देता है।
पात्र परिचय
लुशकॉफ
गरीब और शराबी भिखारी
मजबूरी में झूठ बोलता है
बाद में मेहनती और ईमानदार बन जाता है
सर्जेई
एक वकील
सख्त लेकिन मददगार
लुशकॉफ को सही रास्ता दिखाता है
ओल्गा
सर्जेई की रसोइया
दयालु और भावुक
लुशकॉफ के परिवर्तन का असली कारण
कहानी की सीख
दया और सहानुभूति इंसान की जिंदगी बदल सकती है।
भीख मांगने से बेहतर मेहनत करना है।
प्यार और सहयोग से बुरे इंसान भी सुधर सकते हैं।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
लेखक: Anton Chekhov
भिखारी का नाम: लुशकॉफ
सर्जेई उसे काम देता है, पैसे नहीं।
ओल्गा उसके लिए लकड़ी काटती है।
बाद में लुशकॉफ कॉपीिस्ट बन जाता है।
ओल्गा की दया उसके जीवन को बदल देती है।
- Get link
- X
- Other Apps
Comments
Post a Comment