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NCERT English Class 9th — The Last Leaf (The Lost Leaf) विस्तृत हिंदी सारांश
The Last Leaf कहानी के लेखक O. Henry हैं। यह कहानी आशा, मित्रता, त्याग और सकारात्मक सोच का सुंदर संदेश देती है।
कहानी का परिचय
यह कहानी न्यूयॉर्क के ग्रीनविच विलेज नामक स्थान की है। वहाँ दो युवा कलाकार लड़कियाँ — सू (Sue) और जॉन्सी (Johnsy) — साथ रहती थीं। दोनों बहुत अच्छी मित्र थीं और चित्रकारी करती थीं।
सर्दियों के मौसम में शहर में निमोनिया नाम की बीमारी फैल जाती है। जॉन्सी भी इस बीमारी की शिकार हो जाती है। बीमारी के कारण वह बहुत कमजोर हो जाती है और जीने की इच्छा खो देती है।
उनके नीचे रहने वाला एक बूढ़ा चित्रकार बेहरमैन (Behrman) बाद में ऐसा त्याग करता है जिससे जॉन्सी की जान बच जाती है।
विस्तृत सारांश
सू और जॉन्सी की मित्रता
सू और जॉन्सी दोनों कलाकार थीं। सू मेन राज्य की रहने वाली थी और जॉन्सी कैलिफोर्निया की। दोनों की रुचियाँ एक जैसी थीं, इसलिए वे अच्छी दोस्त बन गईं।
उन्होंने मिलकर एक छोटा-सा स्टूडियो लिया और साथ रहने लगीं। दोनों मेहनत से चित्र बनाती थीं और खुश रहती थीं।
जॉन्सी बीमार पड़ जाती है
एक साल बहुत ठंडी सर्दी पड़ती है और शहर में निमोनिया फैल जाता है। जॉन्सी भी इस बीमारी से पीड़ित हो जाती है।
वह बिस्तर पर पड़ी रहती है और धीरे-धीरे निराश हो जाती है। डॉक्टर सू से कहता है कि जॉन्सी के बचने की संभावना बहुत कम है क्योंकि उसने जीने की इच्छा छोड़ दी है।
डॉक्टर कहता है कि दवा तभी असर करेगी जब मरीज खुद जीना चाहेगा।
सू अपनी मित्र को बचाने की पूरी कोशिश करती है।
पत्तों से जुड़ी अजीब सोच
जॉन्सी की खिड़की के बाहर एक पुरानी आइवी बेल (ivy creeper) थी। ठंडी हवा और बारिश के कारण उसके पत्ते गिर रहे थे।
जॉन्सी पत्तों को गिनने लगती है। वह सोचती है कि जब बेल का आखिरी पत्ता गिर जाएगा, उसी समय उसकी भी मृत्यु हो जाएगी।
सू उसे समझाने की कोशिश करती है कि पत्तों और उसकी बीमारी का कोई संबंध नहीं है, लेकिन जॉन्सी उसकी बात नहीं मानती।
धीरे-धीरे सारे पत्ते गिरने लगते हैं।
बूढ़ा चित्रकार बेहरमैन
नीचे वाले कमरे में बेहरमैन नाम का बूढ़ा चित्रकार रहता था। वह लगभग साठ वर्ष का था। वह हमेशा कहता था कि एक दिन वह महान चित्र बनाएगा, लेकिन अब तक उसने कोई महान चित्र नहीं बनाया था।
हालाँकि वह देखने में कठोर लगता था, लेकिन उसका दिल बहुत दयालु था। वह सू और जॉन्सी दोनों की बहुत चिंता करता था।
जब सू उसे जॉन्सी की सोच के बारे में बताती है, तो वह बहुत दुखी और नाराज़ होता है।
तूफानी रात
उस रात तेज बारिश और ठंडी हवा चल रही थी। सू को पूरा विश्वास था कि सुबह तक आखिरी पत्ता भी गिर जाएगा।
लेकिन अगली सुबह जब जॉन्सी खिड़की से बाहर देखती है, तो वह पाती है कि एक पत्ता अब भी बेल पर लगा हुआ है।
पूरा दिन और फिर दूसरी तूफानी रात के बाद भी वह पत्ता नहीं गिरता।
यह देखकर जॉन्सी को आश्चर्य होता है। वह सोचती है कि यदि यह पत्ता इतनी मुश्किलों में भी नहीं गिरा, तो उसे भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए।
धीरे-धीरे उसके अंदर जीने की इच्छा वापस आ जाती है और उसकी तबीयत सुधरने लगती है।
आखिरी पत्ते का सच
कुछ दिनों बाद डॉक्टर कहता है कि अब जॉन्सी खतरे से बाहर है।
तब सू उसे सच्चाई बताती है कि वह आखिरी पत्ता असली नहीं था। बूढ़े बेहरमैन ने तूफानी रात में दीवार पर उस पत्ते की पेंटिंग बनाई थी ताकि जॉन्सी उम्मीद न खो दे।
बारिश और ठंड में पेंटिंग बनाते समय बेहरमैन खुद निमोनिया का शिकार हो गया और दो दिन बाद उसकी मृत्यु हो गई।
बेहरमैन की बनाई हुई वही पेंटिंग उसकी महान कलाकृति (masterpiece) बन गई क्योंकि उसने किसी की जान बचाई।
कहानी के मुख्य विषय
1. आशा की शक्ति
कहानी सिखाती है कि आशा और सकारात्मक सोच जीवन में बहुत महत्वपूर्ण हैं।
2. सच्ची मित्रता
सू अपनी मित्र जॉन्सी की पूरी देखभाल करती है।
3. त्याग
बेहरमैन अपनी जान देकर जॉन्सी की जान बचाता है।
4. कला का महत्व
एक चित्र केवल कला नहीं, बल्कि किसी के जीवन में नई आशा भी ला सकता है।
पात्र परिचय
जॉन्सी
भावुक और कल्पनाशील लड़की
बीमारी में निराश हो जाती है
बाद में साहसी बनती है
सू
दयालु और सहायक मित्र
मेहनती और जिम्मेदार
बेहरमैन
बूढ़ा चित्रकार
दयालु और त्यागी
उसकी पेंटिंग ही उसकी महान कलाकृति बनती है
कहानी की शिक्षा
कठिन समय में कभी उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए।
सकारात्मक सोच जीवन बदल सकती है।
सच्ची मित्रता और त्याग सबसे अनमोल होते हैं।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
कहानी के लेखक O. Henry हैं।
जॉन्सी निमोनिया से पीड़ित थी।
वह आखिरी पत्ता गिरने पर अपनी मृत्यु मानती थी।
सू उसकी सबसे अच्छी मित्र थी।
बेहरमैन ने दीवार पर आखिरी पत्ता बनाया था।
बेहरमैन की मृत्यु निमोनिया से हुई।
वही पेंटिंग उसकी महान कलाकृति बनी।
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